Motivational Hindi Poem on Indian Army – माँ तुम्हारी गोद से फिर जन्म लेने आ रहा हूँ

Motivational Hindi Poem on Indian Army
Pic: Wikimedia

युद्ध मे बुरी तरह से घायल एक भारतीय सैनिक का पत्र अपनी माँ के नाम

माँ तुम्हारा लाडला युद्ध में अभी घायल हुआ है ।।।

पर देख उसकी सूरत खुद शत्रु भी कायल हुआ है।।।

रक्त की होली खेलकर मैं प्रलयंकारी दिख रहा हु।।।

माँ उसी रक्त से मैं तुझको पत्र

अंतिम लिख रहा हूँ।

युद्ध भीषण था मगर न इंच भी पीछे हटा हूँ।।

माँ तुम्हारी थी शपथ मैं आज इंचों में कटा हूँ।।

एक गोली छाती पर कुछ देर पहले ही लगी है।।।

माँ कसम दी थी जो तुमने आज मैंने पूरी की है।।

छा रहा है सामने लो आँख के आगे अँधेरा।।

दिख रहा है इसमें मुझे नूतन सवेरा।।।

कह रहे शत्रु भी मैंने जिस तरह से लड़ा हूँ।।

कह रहे है शत्रु भी मैं जिस तरह से लड़ा हूँ।।

लग रहा है कि सिंहनी केपेट से पैदा हुआ हूँ।।

ये ना सोचो माँ की मैं चिर-निंद्रा लेने जा रहा हूँ।।।

माँ तुम्हारी गोद से फिर जन्म लेने आ रहा हूँ।।

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